THE RAIN OF MY LOVE (1)
"अजीब बात है न ! कई बार कई लोग जिंदगी में जब मिलते हैं तो तब ऐसा लगता ही नहीं कि एक दिन वो लोग हमारी जिंदगी में इतने अहम हो जायेंगे कि उनके बिना जिंदगी की रफ़्तार बहुत धीरे हो जाएगी। ऐसा लगता ही नहीं कि किसी एक के बिना सबकुछ अधूरा हो सकता है लेकिन फिर भी हम में अधिकतर लोगों ने अपनी जिंदगी के किसी न किसी मोड़ पे इसे एहसास किया है। भले ही वो एहसास पल भर का हो पर होता जरूर है। लेकिन क्या जिंदगी वाकई रुक जाती है ? नहीं ! जिंदगी रूकती नहीं , चलते रहती है हर हाल में , हर मुश्किल में , हां कभी हँसते हुए तो कभी आंसुओं को पोछते हुए पर जिंदगी के कदम हौले हौले ही बढ़ते रहते हैं। एक छोटी सी जिंदगी में न जाने कितने रंग होते हैं और उन तमाम रंगों में रंगीन सी जिंदगी वाकई अजीब है।
हर मिलता हुआ इंसान जिंदगी के कैनवास पर कोई न कोई नया रंग छोड़ जाता है, अब वो रंग चाहे जिंदगी की तस्वीर को और सुन्दर करे या कुछ बिगाड़ दे पर रंग रह जाते हैं हमेशा और जिंदगी उन तमाम रंगों में से एक खूबसूरत तस्वीर बना लेने का नाम है। जब तक आप किसी के साथ रहें ईमानदारी से रहें चाहे वो कैसा भी हो क्योकिं जिंदगी के हर मोड़ पे उस इंसान को न चाहते हुए भी आपकी शालीनता, आपकी ईमानदारी हमेशा याद आते रहेगी। याद रखिये हम अच्छे लोगों को चाह कर भी नहीं भुला पाते। उनकी यादें परछाइयों की तरह हमेशा साथ साथ चलते रहती हैं फिर चाहे वो हमसे कितने भी दूर क्यों न हों। जो पास रह जायेगा वो जिस्म नहीं होगा वो सिर्फ एहसास होगा, एक सुखद एहसास जो अपने किसी को पहुँचाया हो।
इस बार जब कोई नया मिले तो कोशिश कीजिये कि उसे ऐसे एहसासों से आप भरें कि ताउम्र उन एहसासों का कोई विकल्प न हो जो सिर्फ आपसे शुरू हो और आप पे ही हो जाये ख़त्म!!!"
-शशिष कुमार तिवारी
BAHUT BADHIYA SHASHISH BHAI................
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